नीट-यूजी पेपर लीक केस में सीबीआई की चार्जशीट ने देश की परीक्षा प्रणाली की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सीबीआई के मुताबिक, पेपर किसी प्रिंटिंग प्रेस से लीक नहीं हुआ था, बल्कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) के अधिकृत विषय विशेषज्ञों ने अपने अधिकारों का गलत इस्तेमाल कर इसे बाहर पहुंचाया था।
पेपर लीक पर शिकंजा कसने के लिए संसद द्वारा पारित सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मंजूरी मिल गई है। विपक्षी दलों के वॉकआउट के बीच संसद के दोनों सदनों से पारित हुआ यह कानून अब देशभर में लागू हो गया है।
संसद के मानसून सत्र में सरकार और विपक्ष के बीच गतिरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है। गुरुवार को संसद की कार्यवाही शुरू होने से पहले ही विपक्षी सांसदों ने मकर द्वार पर केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।
कांग्रेस सांसद एवं नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पेपर लीक से जुड़े बिल पर लोकसभा में 50 मिनट भाषण दिया। इस दौरान इडियट और अंधभक्त जैसे शब्दों का भी इस्तेमाल किया। फिर कहा कि गृहमंत्री ने दिल्ली में छात्रों पर फायरिंग के आदेश दिए।
नीट पेपर लीक और अन्य परीक्षा अनियमितताओं के खिलाफ देशभर में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस ज्यादती के केस में सुप्रीम कोर्ट ने महत्वपूर्ण टिप्पणी की है। साथ ही कोर्ट ने इस मामले से जुड़ी सभी याचिकाओं पर मंगलवार को सुनवाई करने का फैसला किया है।
देशभर में जारी नीट-यूज पेपर लीक विवाद की गूंज आज संसद के दोनों सदनों में स्पष्ट रूप से सुनाई दी। 25 जुलाई को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने वाले पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफे के बाद पहली बार संसद पहुंचे। संसद भवन परिसर में एनडीए सांसदों ने उन्हें शॉल और पारंपरिक मिथिला पाग पहनाकर सम्मानित किया और साथ लेकर सदन के अंदर गए।
नीट पेपर लीक विवाद पर सरकार का बड़ा एक्शन, NTA के 47 अफसर बर्खास्त। जानिए छात्रों की मांगें, राजनीतिक बवाल और 10 साल की सजा वाले नए सख्त कानून की पूरी डिटेल।
नीट पेपर लीक विवाद और देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों के बीच जेएनयू ने छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए एडवाइजरी जारी की है। जंतर मंतर के प्रदर्शनों से दूर रहने और सोशल मीडिया के इस्तेमाल को लेकर दिए गए निर्देशों की विस्तृत जानकारी यहां पढ़ें।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर जारी सीजेपी के धरना-प्रदर्शन के बीच राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर दिया गया है। संसद मार्ग और टॉलस्टाय मार्ग सहित कई संवेदनशील इलाकों में भारी बैरिकेडिंग की गई है और बड़ी संख्या में सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है।
नीट-यूजी-2026 पेपर लीक के केसों के निपटारे के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घोषणा की है कि जल्द फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाई जाएंगी। युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। पेपर लीक के सभी मामलों में दोषियों को जल्द से जल्द कठोर दंड देने के लिए, केस के त्वरित निस्तारण के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट्स का गठन किया जाएगा।






















